मौत के मुख से वापसी

सितम्बर 2014 को मैं अपनी कार द्वारा अहमदाबाद से नड़ियाद जा रहा था । बहुत तेज बारिश हो रही थी इसलिए सेंटर लॉक और पावर विंडो सब अंदर से बंद किये हुए थे । सड़क पर आधा फुट पानी भर गया था । आगे मोड़ है, इसकी जानकारी नहीं होने की वजह से मैं गाड़ी सीधी चलाता गया, जिससे गाड़ी एक 10-12 फुट गहरे तालाब में जा गिरी और तैरने लगी । धीरे-धीरे पानी अंदर आने लगा और गाड़ी डूबने लगी । सेंटर लॉक और पावर विंडो होने के कारण न दरवाजा खुले, न खिड़की ! 10 मिनट तक बाहर निकलने की कोशिश की पर असफल रहा । 75-80 प्रतिशत गाड़ी पानी से भर चुकी थी । मुझे मौत सामने दिखने लगी । मैं गाड़ी के पिछले भाग में आकर बापूजी को पुकारने लगा । पानी मेरी नाक तक आ गया । मैं गुरुमंत्र जपने लगा । तभी अचानक पिछला दरवाजा झटके से खुल गया । मैं गाड़ी के ऊपर चढ़ गया और पूरी गाड़ी डूब गयी । आधे घंटे बाद गाँववालों ने आकर मुझे वहाँ से निकाला ।

 

उस समय मुझे याद आया कि आज से डेढ़ साल पहले सपने में पूज्य बापूजी ने कहा था कि बेटा ! तेरी आयु बहुत कम बची है । मैं यह सुनकर घबरा गया और प्रार्थना की : गुरुदेव ! इससे बचने का कोई तो उपाय होगा !तो सपने में ही बापूजी बोले : तू रात को सोते समय शशकासन में प्रणाम करके सोया कर ।तब से मैं रोज 2-3 मिनट तक शशकासन (वज्रासन में बैठकर नीचे झुक के प्रणाम की मुद्रा में दोनों हाथ जोड़कर सिर जमीन पर रखना) करके सोता हूँ । गुरुदेव की कृपा से मेरी मौत के मुख से वापसी हुई ।

- मयूर प्रजापति, अहमदाबाद

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