बापूजी हमारी आँखों में ज्ञान का अंजन लगा रहे हैं

- भारतरत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व प्रधानमंत्री

 

‘‘मैं यहाँ पर पूज्य बापूजी का अभिनंदन करने आया हूँ, उनका आशीर्वचन सुनने आया हूँ... देशभर की परिक्रमा करते हुए जन-जन के मन में अच्छे संस्कार जगाना, यह एक ऐसा परम राष्ट्रीय कर्तव्य है, जिसने हमारे देश को आज तक जीवित रखा है और इसके बल पर हम उज्ज्वल भविष्य का सपना देख रहे हैं । पूज्य बापूजी सारे देश में भ्रमण करके जागरण का शंखनाद कर रहे हैं, संस्कार दे रहे हैं । हमारी जो प्राचीन धरोहर थी और जिसे हम लगभग भूलने का पाप कर बैठे थे, बापूजी हमारी आँखों में ज्ञान का अंजन लगाकर उसको फिर से हमारे सामने रख रहे हैं ।

बापूजी का प्रवचन सुनकर बड़ा बल मिला है । उनका आशीर्वाद हमें मिलता रहे, उनके आशीर्वाद से प्रेरणा पाकर बल प्राप्त करके हम कर्तव्य के पथ पर निरंतर चलते हुए परम वैभव (आत्मसाक्षात्कार) को प्राप्त करें, यही प्रभु से प्रार्थना है ।

13 दिन के शासनकाल के बाद मैंने कहाः मेरा जो कुछ है, तेरा है ।यह तो बापूजी की कृपा है कि श्रोता को वक्ता बना दिया और वक्ता को नीचे से ऊपर चढ़ा दिया । जहाँ तक ऊपर चढ़ाया है वहाँ तक ऊपर बना रहूँ, इसकी चिंता भी बापूजी को करनी पड़ेगी ।’’

यह बात जगजाहिर है कि इसके बाद श्री अटल बिहारी वाजपेयी पहले 13 महीने और फिर 4.5 साल तक प्रधानमंत्री पद पर रहे ।